भगवती चण्डिका के घर दिवारा प्रथम भजन यूट्यूब चैनल पर हुआ लांच

लक्ष्मण सिंह नेगी/ऊखीमठ। रुद्रप्रयाग। तल्लानागपुर क्षेत्र के चोपता–फलासी में जगत कल्याण हेतु तपस्यारत भगवती चण्डिका की महिमा का गुणगान करने वाला धार्मिक भजन बुधवार को विधिवत रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब पर लॉन्च किया गया।
लगभग 25 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आयोजित हो रहे महा बन्याथ के प्रथम चरण “घर दिवारा” की आध्यात्मिक महत्ता को दर्शाता यह भजन क्षेत्रीय श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बन गया है।
यह भजन “तुंगनाथ होम स्टे” यूट्यूब चैनल के माध्यम से रिलीज किया गया, जिसमें स्थानीय संस्कृति, परंपरा और देवी श्रद्धा की गहरी झलक देखने को मिल रही है। भजन के माध्यम से भगवती चण्डिका की तपस्या, उनके आशीर्वाद और क्षेत्र के लोकजीवन पर उनके प्रभाव को अत्यंत भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
भजन के बोल प्रसिद्ध लोक रचनाकार बलदीप बर्त्वाल द्वारा लिखे गए हैं, जिनमें घर दिवारा की परंपरा, देवी की कृपा और दिवारा गमन की पौराणिक कथा को सुंदर शब्दों में पिरोया गया है। वहीं, इस भजन को स्वर देने का कार्य दीपक कठैत और दिव्या सेमवाल पुरोहित ने किया है ।
भजन की रिकार्डिंग आशीर्वाद स्टूडियो मलेथा में की गयी जबकि प्रवीण पंवार ने संगीत दिया तथा मुकेश करासी द्वारा फोटो चित्र विडिओ सहयोग किया गया। लेखक बलदीप बर्त्वाल के अनुसार, घर दिवारा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।
25 वर्षों बाद इस आयोजन का पुनः आरंभ होना क्षेत्रवासियों के लिए गौरव और आस्था का विषय है। भजन के लॉन्च के साथ ही श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और लोग इसे सोशल मीडिया पर लगातार साझा कर रहे हैं। धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस पहल को क्षेत्र के प्रवासी उत्तराखंडियों द्वारा भी सराहा जा रहा है।
उनका मानना है कि इस प्रकार के प्रयासों से लोक संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलती है। लेखक बलदीप बर्त्वाल ने बताया कि आगामी दिनों में घर दिवारा से जुड़े अन्य धार्मिक कार्यक्रमों एवं भजनों का भी प्रसारण किया जाएगा।
जिससे अधिक से अधिक लोग इस पावन आयोजन से जुड़ सकें। भगवती उमा चण्डिका की महिमा का यह भजन निश्चित रूप से श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति की नई ऊर्जा का संचार करेगा।



