
उत्तरकाशी। दयारा बुग्याल ट्रेक से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई एमबीए छात्रा बबीता पांडे की तलाश लगातार जारी है, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है। इस बीच बेटी की सकुशल वापसी की उम्मीद लेकर उसकी मां अंजू पांडे यमुनाघाटी के भाटिया गांव स्थित बाबा बौखनाग देवता के दरबार पहुंचीं और बेटी की सलामती के लिए प्रार्थना की।
जानकारी के अनुसार, नैनीताल जनपद के रामनगर क्षेत्र के ग्राम चिल्किया निवासी 24 वर्षीय बबीता पांडे बीते 29 मई को दयारा बुग्याल के पड़ाव गोई से रहस्यमय ढंग से लापता हो गई थी। घटना के बाद से पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, एसओजी, आईटीबीपी, सेना और आपदा प्रबंधन की क्यूआरटी टीमों द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और खराब मौसम के कारण अभियान में कई चुनौतियां सामने आ रही हैं।
बताया जा रहा है कि किसी परिचित ने बबीता की मां को बाबा बौखनाग देवता की शरण में जाने का सुझाव दिया था। इसी के बाद मंगलवार को अंजू पांडे भाटिया गांव पहुंचीं और बाबा बौखनाग मंदिर में पूजा-अर्चना कर बेटी की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना की।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बाबा बौखनाग देवता के पश्वा ने बबीता की मां को आश्वासन दिया कि उनकी बेटी सकुशल अपने परिवार के पास लौटेगी। साथ ही यह भी कहा गया कि घर से निकलने के बाद उसके खिलाफ कुछ साजिश रचे जाने के संकेत मिले हैं।
बबीता के लापता होने के बाद परिवार गहरे सदमे में है। वहीं, पूरे क्षेत्र के लोग भी उसकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि गंगा और यमुना घाटियों में बाबा बौखनाग देवता के प्रति लोगों की गहरी आस्था है। वर्ष 2023 के सिलक्यारा सुरंग हादसे के दौरान भी कई लोग बाबा बौखनाग की शरण में पहुंचे थे।



