सरकारी विभागों की चौखट पर दम तोड रहा सूचना का अधिकार कानून

विनोद जोशी/कौलागढ़ देहरादून।
सामाजिक कार्यकर्ता विनोद जोशी ने सूचना का अधिकार अधिनियम को लेकर आरोप लगाते हुए बड़ा मुद्दा उठाया है! उन्होंने कहा कि आज सूचना का अधिकार कानून पर खतरा मंडरा रहा है सरकारी विभाग लगातार सूचना देने में कोताही कर रहे हैं, तय 30 दिन में सरकारी विभाग सूचना देने मेें कतरा रहे हैं, या गोलमोल जवाब दे रहे हैं ,सूचना प्राप्ति के लिए आवेदक को प्रथम अपील लगानी पड़ रही है।

मैनें 07/03/2026 नगर के लोकसूचना अधिकारी से 4 बिन्दुओं पर सूचना मांगी थी जिसमें से मुझे एक बिंदु पर ही सूचना उपलब्ध करवायी गयी वो भी सूचना मांगी थी मौहल्ला स्वच्छता समिति फर्जीवाडे में दोषी पाए गए 99 सफाई कर्मचारियों पर नगर निगम प्रशासन द्वार की गयी कार्रवाई का विवरण सूचना के जवाब मेें मुझे मुख्य विकास अधिकारी द्वारा मौहल्ला स्वच्छता समिति 2019 की जांच की काॅपी थमा दी गयी
23/04/2026 को नगर निगम के लोक सूचना अधिकारी से 04 बिन्दुओं पर सूचना मांगी गयी थी जिसमें बिंदु संख्या 02 की अपूर्ण सूचना दी गयी बिंदु संख्या 03 जिसमें नगर निगम के टाउन हॉल के जीर्णोद्धार में वर्ष वार खर्च की गयी राशि का वितरण मांगा था लेकिन मुझे केवल सौरभ थपलियाल के कार्यकाल की ही सूचना दी गयी बिंदु चार की सूचना उपलब्ध नही करवायी गयी
24/07/2026 को मैंने लोक सूचना अधिकारी मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय से तीन बिंदुओं पर सूचना मांगी थी लोक सूचना अधिकारी जिला सूचना अधिकारी ने 27/07/2026 को मेरा अनुरोध पत्र लोक सूचना अधिकारी खण्ड विकास अधिकारी सहसपुर को धारा 6(3) के अन्तर्गत यह कहते हुए अंतरित कर दिया कि सूचना आप के कार्यालय से संबंधित है सीधे आवेदक को उपलब्ध करवादें लेकिन आज तक मुझे सूचना प्राप्त नही हुई है।
सूचना अधिकार कानून केवल मजाक बनकर रह गया है, जो कि सरकारी कार्यालयों की चौखट पर दम तोड़ रहा है, उत्तराखंड मेें लोकायुक्त है नही ऐसे मेें जनता के पास भ्रष्टाचार पर वार करने का सूचना का अधिकार कानून ही एक माध्यम था जिसकी धार भी अब कुंद पड़ गयी है।



