
ऋषिकेश से करीब 20 किलोमीटर दूर मणिकूट पर्वत पर त्रयोदश ज्योतिर्लिंग की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर तैयारियां तेज।13 से 15 फरवरी तक चलेगा भव्य धार्मिक आयोजन, शिवभक्तों के लिए विशेष अनुष्ठान और दर्शन की व्यवस्था।चक्रवर्ती यज्ञ सम्राट श्री श्री 1008 हरिओम महाराज ने स्थल का निरीक्षण कर पेयजल, विश्राम और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर दिशा-निर्देश दिए।
नवनिर्मित ज्योतिर्लिंग को “गुजरेश्वर महादेव” के नाम से नई पहचान दी जाएगी।13 फरवरी से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत होगी। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ज्योतिर्लिंग की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई जाएगी।देशभर से हजारों श्रद्धालुओं और विशिष्ट अतिथियों के पहुंचने की संभावना, प्रशासन और आश्रम की टीमें पूरी तरह मुस्तैद।मणिकूट पर्वत पर होने जा रहा यह आयोजन धार्मिक आस्था और सनातन परंपरा का बड़ा संगम माना जा रहा है।



