काश्तकारों को दिया बुरांस जूस, सॉस व जैविक खेती का प्रशिक्षण

लक्ष्मण सिंह नेगी/ऊखीमठ।
कृषि विज्ञान केंद्र जाखधार गुप्तकाशी के वैज्ञानिकों द्वारा मदमहेश्वर घाटी की ग्राम पंचायत गैड़ के राजस्व ग्राम बष्टी में काश्तकारों हेतु बुरांस जूस, सॉस निर्माण तथा जैविक खेती विषयक एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक कृषकों, महिला स्वयं सहायता समूहों एवं युवाओं ने सहभागिता कर वैज्ञानिक जानकारी प्राप्त की ।
डा0 अंकित डोगरियाल ने काश्तकारों को जानकारी देते हुए कहा कि बुरांस का फूल हिमालयी क्षेत्रों की महत्वपूर्ण प्राकृतिक संपदा है, जिससे जूस, स्क्वैश एवं सॉस जैसे मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार कर अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है। प्रशिक्षण के दौरान बुरांस जूस एवं सॉस बनाने की विधि का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। डा0 निवेदिता ने बताया कि बुरांस का जूस शारीरिक व मानसिक गतिविधियों को बढ़ाने में सार्थक है तथा बुरांस के चूस , स्वेस से आजीविका में वृद्धि होती है ।
डा0 अंशुल आर्य ने जैविक खेती की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से भूमि की उर्वरता प्रभावित हो रही है, जबकि जैविक पद्धति अपनाने से मिट्टी की सेहत सुधरती है और उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ती है। उन्होंने किसानों को जैविक खाद, जीवामृत, घनजीवामृत, वर्मी कम्पोस्ट तथा कीट प्रबंधन के पारंपरिक उपायों की जानकारी दी । उन्होंने स्थानीय फसलों एवं बागवानी उत्पादों के संरक्षण एवं विपणन के उपाय भी बताए गए।
प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि मदमहेश्वर घाटी जैसे उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जैविक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। यदि किसान समूह बनाकर कार्य करें तो वे अपने उत्पादों को ब्रांडिंग कर बाजार तक पहुंचा सकते हैं। महिला समूहों को विशेष रूप से लघु प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना हेतु प्रोत्साहित किया जायेगा। प्रगतिशील काश्तकार बलवीर राणा ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से क्षेत्र में स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा। इस मौके पर मंजू देवी, विमला देवी, सर्वेश्वरी देवी ,विजया देवी , बिछना देवी , अब्बल सिंह राणा , विजय सिंह राणा , नागेन्द्र पंवार, आशीष पंवार, अंकित कोटवाल, आशीष राणा , आनन्द बजवाल, सुरजीत कोटवाल मौजूद रहे।



