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देहरादून उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के छात्र की हत्या,पुरानी रंजिश बनी काल

बीटेक छात्र दिव्यांशु जाटराना की प्रेमनगर में फावड़े से क्रूर हत्या, 3 आरोपी गिरफ्तार प्रेमनगर केहरी गांव में दो गुटों की पुरानी रंजिश ने ली 22 वर्षीय छात्र की जान, पुलिस ने युवराज चौहान, मधुर खंडेलवाल और शिवम शर्मा को गिरफ्तार किया; बाकी 12 फरार, जांच जारी

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देहरादून । देहरादून की उत्तरांचल यूनिवर्सिटी से जुड़े छात्रों के बीच वर्चस्व की लड़ाई ने एक बार फिर खूनी रूप ले लिया है। सोमवार 23 मार्च की रात प्रेमनगर के केहरी गांव में दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प में बीटेक छात्र दिव्यांशु जाटराना की मौत हो गई। लाठी-डंडे और फावड़े से किए गए हमले में 22 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हुआ और अस्पताल पहुंचते-पहुंचते उसकी जान चली गई।

इस घटना ने पूरे उत्तराखंड में छात्र सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने 15 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर तीन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी फरार हैं।

घटना का पूरा विवरण: कैसे शुरू हुई हिंसक झड़प

घटना सोमवार रात करीब 8:30 बजे प्रेमनगर क्षेत्र के केहरी गांव स्थित ‘बावा की रसोई’ नामक भोजनालय के बाहर हुई। उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के बीटेक और बीबीए छात्रों के दो अलग-अलग गुट आमने-सामने आ गए। शुरुआत एक साधारण बहस से हुई, जो जल्द ही पुरानी रंजिश में बदल गई। दोनों पक्षों ने लाठियां, डंडे और फावड़े का इस्तेमाल किया। दिव्यांशु जाटराना पर ताबड़तोड़ हमला हुआ, जिसमें उनके सिर पर गंभीर चोट आई। मौके पर खून से लथपथ युवक को देख आसपास के लोग हड़कंप मच गया।

यह झड़प अचानक नहीं थी। पुलिस जांच के अनुसार, दोनों गुटों के बीच पहले से वर्चस्व को लेकर तनाव चला आ रहा था। विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के छात्रावासों में यह रंजिश लंबे समय से पनप रही थी, जो अंततः प्रेमनगर के इस इलाके में फूट पड़ी। हमलावरों की संख्या 15 से ज्यादा बताई जा रही है, जिन्होंने दिव्यांशु को अकेला पाकर क्रूरता से पीटा। घटना के दौरान एक थार वाहन को भी नुकसान पहुंचाया गया।

दिव्यांशु जाटराना कौन थे? पीड़ित की पृष्ठभूमि

दिव्यांशु जाटराना मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के ग्राम अथाई, थाना भोपा के रहने वाले थे। वे उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में बीटेक की पढ़ाई कर रहे थे और प्रेमनगर क्षेत्र में किराए पर रहते थे। 22 वर्षीय इस युवक का सपना इंजीनियरिंग की डिग्री लेकर अच्छी नौकरी पाने का था। परिवार के मुताबिक, वे शांत स्वभाव के थे और पढ़ाई पर पूरा ध्यान देते थे। उनकी मौत से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है। दिव्यांशु के चाचा गौरव राणा, जो हरिद्वार के मंगलौर निवासी हैं, ने पूरे मामले की तहरीर दी है।

हमले के बाद चिकित्सा और मौत का दर्दनाक सफर

घटना के तुरंत बाद दिव्यांशु को प्रेमनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। वहां से उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें दून अस्पताल रेफर कर दिया गया। रास्ते में एंबुलेंस खराब हो गई, जिसके बाद पुलिस ने अपने वाहन से उन्हें अस्पताल पहुंचाया। लेकिन इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने सिर की चोट को घातक बताया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है।

पुलिस कार्रवाई: FIR, गिरफ्तारियां और जांच

प्रेमनगर पुलिस ने गौरव राणा की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की। 15 वर्तमान और पूर्व छात्रों के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) हत्या, दंगा और साजिश रचने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी छात्रों की सूची में आर्यन शर्मा, शिवम शर्मा, मधुर खंडेलवाल, अंकुर, प्रह्लाद राज, शांतनु, उज्जवल, आकाश, वैभव मिश्रा, ऋतिक राजपूत, अंकुर सिंह, वैभव शर्मा, अंकित भारद्वाज, युवराज चौहान और आदित्य राज शामिल हैं।

पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें बिहार के भोजपुर जिले के ग्राम चांदी आरा निवासी युवराज कुमार (बीबीए द्वितीय वर्ष), उधम सिंह नगर के रुद्रपुर के गंगापुर रोड निवासी मधुर खंडेलवाल (बीटेक तृतीय वर्ष) और पटना के बिस्वा सरिया नगर गोला रोड निवासी शिवम शर्मा (बीटेक तृतीय वर्ष) शामिल हैं। शेष फरार आरोपियों की तलाश जारी है। एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल और एसपी सिटी प्रमोद कुमार खुद मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके में पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है।

उत्तरांचल यूनिवर्सिटी पर सवाल: छात्र सुरक्षा की चुनौती

उत्तरांचल यूनिवर्सिटी देहरादून की एक प्रमुख निजी संस्था है, जहां देश भर से छात्र पढ़ने आते हैं। लेकिन इस घटना ने विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के छात्रों में फैली हिंसा की समस्या को उजागर कर दिया है। पुरानी रंजिश, गुटबाजी और वर्चस्व की लड़ाई अक्सर छोटी-छोटी बातों से भड़क उठती है। विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को कैंपस सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी और छात्रों के बीच काउंसलिंग पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

इस तरह की घटनाएं न सिर्फ परिवारों को तोड़ती हैं बल्कि युवा पीढ़ी के भविष्य पर भी असर डालती हैं। देहरादून पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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