
कोटद्वार। गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार के नजीबाबाद रोड स्थित काशीरामपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
कथा व्यास वेदाचार्य देवी प्रसाद भट्ट ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक है। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान की प्रत्येक लीला में कोई न कोई गहरा संदेश निहित है।
उन्होंने गोवर्धन पूजा, श्रीकृष्ण की गोकुल और वृंदावन की लीलाओं तथा गोपियों के साथ उनके दिव्य प्रेम प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं की दौड़ में मानसिक शांति से दूर होता जा रहा है। ऐसे में भगवान की कथा का श्रवण मन को शांति देने के साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से नियमित रूप से ईश्वर का स्मरण करने और अपने आचरण में प्रेम, करुणा, सेवा तथा सत्य को अपनाने का आह्वान किया। कथा के दौरान भजनों और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से कथा पंडाल भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु कथा प्रसंगों में भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए।
कथा के समापन पर आरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके पर कथा आयोजक वीके जुयाल, संतोष गौनियाल, सुधीर दुदपुड़ी, महेश जुयाल, मनीष जोशी, योगेश रतूड़ी, अंकित धस्माना, गिरीश कंडवाल, मुकेश पंत आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन: कोटद्वार के काशीरामपुर में रविवार को भागवत कथा सुनाते व्यास वेदाचार्य देवी प्रसाद भट्ट।



