केदार घाटी में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
तापमान में गिरावट से बढ़ी ग्रामीणों की मुश्किलें

लक्ष्मण सिंह नेगी/ऊखीमठ । केदार घाटी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश के चलते जहां एक ओर तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की दुश्वारियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। बारिश के चलते क्षेत्र में ठंड अचानक बढ़ गई है।
तापमान में आई गिरावट से विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा लेना शुरू कर दिया है। कृषि कार्यों पर भी बारिश का असर साफ देखा जा रहा है। बेमौसमी बारिश के कारण काश्तकारों की धान की बुवाई प्रभावित हो गयी है , वहीं पशुपालकों को भी पशुओं के चारे और देखभाल को लेकर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
केदारनाथ धाम में लगातार बर्फबारी होने से आगामी 22 अप्रैल से शुरू होने वाली केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं को सुचारू करने में बाधा पहुंच रही है वहीं गौरीकुंड – केदारनाथ पैदल मार्ग पर यात्रा काल में दुकानों का संचालन करने वाले व्यापारियों के सम्मुख चुनौतियां खड़ी हो गयी है । सीमांत क्षेत्रों के तापमान में लगातार गिरावट महसूस होने से जनजीवन खासा प्रभावित हो गया है तथा पशुपालकों के सम्मुख चारापत्ती का संकट बना हुआ है।
मदमहेश्वर घाटी गैंड बष्टी के प्रगतिशील काश्तकार बलबीर राणा ने बताया कि अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में काश्तकार धान की असिंचित बुवाई कर लेता था मगर बेमौसमी बारिश के कारण काश्तकारों चिन्ताये बढ़ने लगी है।
बुरूवा गांव के भेड़पालक वीरेन्द्र धिरवाण ने बताया कि चैत्र माह मास फुलारी घोघा विसर्जन के बाद भेड़पालक बुग्यालों की ओर रूख कर देते थे मगर इस वर्ष लगातार बेमौसमी बारिश होने तथा ऊंचाई वाले इलाकों के तापमान में भारी गिरावट महसूस होने से भेड़पालकों का बुग्यालों की ओर अग्रसर होना मुसीबतों का पहाड़ जैसा हो गया है।



