द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, दो दिनों में पहुंचे 22 सौ तीर्थ यात्री
धाम सहित यात्रा पड़ावों पर लौटी रौनक

लक्ष्मण सिंह नेगी/ऊखीमठ। द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर धाम के कपाट खुलने के बाद श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। धाम में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ रहा है कि मात्र दो दिनों में तीर्थ यात्रियों की संख्या 22 सौ के पार पहुंच गयी है।
देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु 16 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा तय कर बाबा मद्महेश्वर के दर्शनों के लिए धाम पहुंच रहे हैं। यात्रियों की बढ़ती आवाजाही से मद्महेश्वर घाटी सहित यात्रा पड़ावों पर एक बार फिर रौनक लौट आयी है।
मद्महेश्वर यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। रांसी, गौंडार, बंतोली एवं नानूं जैसे प्रमुख यात्रा पड़ावों पर यात्रियों की चहल-पहल बढ़ने लगी है। स्थानीय दुकानदारों, होटल व्यवसायियों, घोड़ा-खच्चर संचालकों तथा होम-स्टे संचालकों के चेहरों पर भी खुशी लौट आयी है। यात्रा से स्थानीय आर्थिकी को संजीवनी मिलने लगी है।
श्रद्धालु सुबह तड़के रांसी से बाबा मद्महेश्वर की यात्रा शुरू कर प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर घाटियों, घने जंगलों और कल-कल बहती जलधाराओं के बीच पैदल यात्रा कर धाम पहुंच रहे हैं। कठिन चढ़ाई के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखाई दे रही है। धाम पहुंचकर श्रद्धालु भगवान मद्महेश्वर के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं।
धाम में सुबह से लेकर देर शाम तक पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक एवं धार्मिक अनुष्ठानों का दौर जारी है। मंदिर परिसर “हर हर महादेव” और “जय बाबा मद्महेश्वर” के जयघोषों से गूंजायमान बना हुआ है।
बद्री केदार मन्दिर समिति पूर्व सदस्य शिव सिंह रावत ने कहा कि मद्महेश्वर यात्रा क्षेत्र की आर्थिकी की रीढ़ है। यात्रा शुरू होने से सीमांत गांवों में फिर से रौनक लौटने लगी है। उन्होंने सरकार से यात्रा मार्गों के सुदृढ़ीकरण एवं मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की मांग भी की है।
देश के विभिन्न राज्यों से मद्महेश्वर धाम पहुंच रहे श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा मद्महेश्वर के दर्शनों का आध्यात्मिक अनुभव अविस्मरणीय है। हिमालय की गोद में स्थित यह पवित्र धाम श्रद्धा, भक्ति और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम बना हुआ है।



