ऊखीमठ सहित विभिन्न क्षेत्रों में गैस सिलेंडरों की किल्लत
उपभोक्ता परेशान,कारोबार ठप

लक्ष्मण सिंह नेगी/ऊखीमठ सहित विभिन्न क्षेत्र में इन दिनों घरेलू व व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने पहुंचे उपभोक्ताओं को घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने के बावजूद खाली हाथ लौटना पड़ रहा है, जिससे लोगों में रोष व्याप्त है।
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि वे सुबह से ही गैस एजेंसी के बाहर लाइन में लग जाते हैं, लेकिन पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर उपलब्ध न होने के कारण कई लोगों को बैरंग वापस लौटना पड़ता है। महिलाओं, बुजुर्गों और दूरदराज से आए ग्रामीणों को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। घरेलू सिलेंडरों की कमी के चलते लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
कई परिवारों को भोजन बनाने के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। वहीं, कामर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी से होटल, ढाबा और छोटे व्यापारियों का व्यवसाय भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों का कहना है कि गैस की अनुपलब्धता के कारण उन्हें ग्राहकों को लौटाना पड़ रहा है, जिससे आय पर सीधा असर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि गैस आपूर्ति व्यवस्था में लापरवाही के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। समय पर सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं होने से संकट लगातार गहराता जा रहा है। उपभोक्ताओं और व्यापारियों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर गैस आपूर्ति सुचारु कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
पूर्व छात्र नेता विराट सौरभ भट्ट ने कहा कि गैस एजेंसी संचालकों की लापरवाही के कारण उपभोक्ताओं को घंटों इलान में लगकर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है यदि गैस संचालकों द्वारा गैस वितरण की तिथि गांव वार निर्धारित की जाती तो समस्या का हल निकल सकता है।
सभासद प्रदीप धर्म्वाण का कहना है कि यदि शासन-प्रशासन द्वारा समस्या का हल नहीं किया गया तो आने वाले समय में समस्या गंभीर हो सकती है जिसका परिणाम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ सकता है। इस संबंध में संबंधित गैस एजेंसी प्रबंधक से दूरभाष से वार्ता करनी चाही मगर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।



