
बागेश्वर। मेहनत, लगन और मजबूत इरादों के दम पर सैज, तहसील रोड निवासी गीतिका पंत ने उत्तराखंड इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में 98 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया है। सीमित संसाधनों के बीच पली-बढ़ी गीतिका ने यह साबित कर दिया कि सफलता हालातों की मोहताज नहीं होती।
सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज, चौरासी की छात्रा गीतिका की इस उपलब्धि ने पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है। उनकी सफलता की खबर मिलते ही परिवार, स्कूल और क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।
गीतिका की सफलता के पीछे संघर्ष की एक प्रेरणादायक कहानी छिपी है। उनके पिता चंद्रशेखर पंत एक साधारण टैक्सी चालक हैं, जो दिन-रात मेहनत कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। माता रितिका पंत गृहिणी हैं, जिन्होंने हर कदम पर बेटी का हौसला बढ़ाया। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद परिवार ने गीतिका की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।
गीतिका शुरू से ही मेधावी रही हैं। इससे पहले उन्होंने हाईस्कूल परीक्षा में 97.6 प्रतिशत अंक हासिल कर जिला टॉपर का खिताब भी अपने नाम किया था। उनकी इस निरंतर मेहनत और अनुशासन ने उन्हें आज प्रदेश की टॉपर बना दिया।
अपनी सफलता का श्रेय गीतिका अपने माता-पिता और शिक्षकों को देती हैं। उनका कहना है कि “अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
गीतिका का सपना इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल बेटियों के हौसले को नई उड़ान दी है, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।
आज गीतिका पंत हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं, जो यह सिखाती हैं कि बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए हिम्मत और मेहनत ही सबसे बड़ी ताकत होती है।



