टिहरी

कोटी-चंबा सड़क हादसा: मोहित डिमरी की आवाज का बड़ा असर

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रुद्रप्रयाग। बीते दिनों टिहरी जनपद के कोटी-चंबा मोटरमार्ग पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले रुद्रप्रयाग के लड़ियासू गांव निवासी राहुल के पीड़ित परिवार को आखिरकार न्याय मिल गया है। प्रशासनिक अनदेखी और संवेदनहीनता के खिलाफ उठी पुरजोर आवाज के बाद आज तहसील प्रशासन हरकत में आया। अधिकारियों ने स्वर्गीय राहुल के घर पहुंचकर मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹3,00,000 (तीन लाख रुपये) की सहायता राशि का चेक उनकी धर्मपत्नी को सौंप दिया है।

दाने-दाने को मोहताज हो गया था परिवार

आपको बता दें कि राहुल अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। वह एक होटल में नौकरी कर अपने बुजुर्ग व हृदय रोग से पीड़ित माता-पिता, पत्नी, 6 महीने के मासूम बच्चे और छोटे भाई-बहनों का पेट पाल रहा था। हादसे में उसकी असामयिक मृत्यु के बाद इस बेसहारा परिवार के सामने जीवन-यापन का गहरा संकट खड़ा हो गया था।

एक ही हादसे में दोहरे मानक पर भड़का था आक्रोश

हैरानी की बात यह थी कि इसी हादसे में हताहत हुए अन्य लोगों के परिजनों को तत्काल सहायता राशि वितरित कर दी गई थी, लेकिन रुद्रप्रयाग के राहुल के परिवार को नजरअंदाज किया जा रहा था। इस दोहरे मानक और अन्याय के खिलाफ रुद्रप्रयाग विधानसभा से पूर्व विधायक प्रत्याशी व प्रखर युवा नेता मोहित डिमरी ने मोर्चा संभाला। उन्होंने लड़ियासू गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की, उनका दर्द साझा किया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाई।

प्रयास लाए रंग, प्रशासन ने सौंपा चेक

युवा नेता मोहित डिमरी के हस्तक्षेप और जनता के भारी समर्थन का ही असर रहा कि प्रशासन को अपनी सुस्ती तोड़नी पड़ी। आज तहसील प्रशासन की टीम खुद पीड़ित परिवार के आंगन पहुंची और राहत राशि की औपचारिकता पूरी की। सहायता राशि मिलने पर पीड़ित परिवार को इस संकट की घड़ी में एक बड़ा आर्थिक संबल मिला है।

संघर्ष अभी थमा नहीं: मोहित डिमरी

इस त्वरित कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए युवा नेता मोहित डिमरी ने कहा:

हम प्रशासन और माननीय मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने देर से ही सही, इस बेसहारा परिवार के आंसू पोंछने का काम किया। लेकिन हमारा संकल्प अभी पूरा नहीं हुआ है। परिवार की बदहाली को देखते हुए हमारा संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रधानमंत्री राहत कोष से घोषित ₹2 लाख की सहायता राशि भी इस परिवार को नहीं मिल जाती। इसके साथ ही, राहुल की पत्नी के स्थायी भरण-पोषण के लिए रोजगार का उचित प्रबंध कराना हमारी प्राथमिकता है।”

उन्होंने क्षेत्र की जनता को धन्यवाद देते हुए स्पष्ट किया कि संकट की इस पूरी घड़ी में वे और उनका संगठन पीड़ित परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और भविष्य में भी परिवार की हर संभव मदद की जाएगी।

 

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