स्ट्रीट लाइटें शो पीस या जन प्रतिनिधि..? चुनावी वादों तक ही सीमित ग्राम प्रधान

विनोद जोशी।
गांवों के विकास की हकीकत जाननी हो तो कौलागढ वार्ड से लगा मसंदावाला गांव सबसे उपयुक्त है मसूरी विधानसभा की विलासपुर कांडली ग्राम सभा केवल दो गांवो कांडली और मसंदावाला जो कि करीब 1800 से 2000 वोटों से सुसज्जित है सड़क के नाम पर मसंदावाला मेें मुख्य मार्ग केवल 400-500 मीटर के करीब है वो भी खस्ताहाल है।
इस मार्ग पर करीब 15 स्ट्रीट लाइटें लगी हैं जिनमें से 2-3 ही प्रकाशमान है दो वर्ष से अधिक समय से ये स्ट्रीट लाइटें शो पीस बनी हुई हैं नये प्रतिनिधियों को सत्ता संभाले हुए करीब सवा साल हो गया है लेकिन ये प्रतिनिधि स्ट्रीट लाइटें तक ठीक नही करवा पायें हैं अब तो लगता है कि चुनें हुए प्रतिनिधि भी शो पीस बनकर रह गये हैं।
लाइटें न जलने से पूरे मुख्य मार्ग पर अंधेरा छाया रहता है जिससे शाम के वक्त गड्ढों से सुसज्जित सड़क पर आवागमन करने मेें जनता को बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है अब तो हालात ऐसे हो गये हैं कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन मेें शिकायत करने के बाद भी सुनवायी नही हो रही है।
यही हालत रहे तो वो दिन दूर नही जब लोग मंसदावाला से भी पलायन के बारे मेें सोचने लगे जब मुख्यमंत्री आवास से महज 13-14 किलोमीटर में बसे गांव से हाल खराब हैं तो दूर दराज के गावों की क्या हालत होगी ?
सवा साल का कार्यकाल बीत जाने के बाद भी सरकार द्वारा कोई भी विकास कार्य न करवाया जाना सरकार का गावों के प्रति उदासीन रवैये को दर्शाता है



