बणसू गांव में आयोजित नौ दिवसीय महायज्ञ पूर्णाहुति के साथ सम्पन्न
केदार घाटी सहित बणसू गांव में बना भक्तिमय माहौल

लक्ष्मण सिंह नेगी/ऊखीमठ।
प्रकृति की सुरम्य वादियों एवं सीढ़ीनुमा खेत-खलिहानों के मध्य स्थित बणसू गांव में जगत कल्याण के लिए तपस्यारत भगवती राज – राजेश्वरी के मन्दिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय महायज्ञ पूर्णाहुति के साथ सम्पन्न हो गया। भगवती राज-राजेश्वरी के पवित्र मंदिर परिसर में 41 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आयोजित इस महायज्ञ ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया।
महायज्ञ के दौरान बणसू गांव सहित सम्पूर्ण केदार घाटी का वातावरण नौ दिनों तक पूर्णतः भक्तिमय बना रहा। प्रतिदिन वेद मंत्रों की गूंज, धार्मिक अनुष्ठानों और भक्ति भाव से सराबोर श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को भव्यता प्रदान की। दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने महायज्ञ में आहुति देकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं विश्व कल्याण की कामना की।
महायज्ञ के दौरान ग्रामीणों द्वारा नौ दिनों तक विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन में गांव के प्रत्येक परिवार ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया, जिससे सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला।
महायज्ञ के समापन अवसर पर राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए महायज्ञ की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को सशक्त बनाने के साथ ही समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
उन्होंने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी ग्रामीणों एवं समिति पदाधिकारियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। महायज्ञ के सफल एवं निर्विघ्न संपन्न होने पर मंदिर समिति के पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों ने समस्त श्रद्धालुओं, क्षेत्रवासियों तथा सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से ही इतने बड़े धार्मिक आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सका। महायज्ञ के समापन के साथ ही बणसू गांव में एक बार फिर आध्यात्मिक उल्लास और संतोष का वातावरण व्याप्त हो गया, जिसकी स्मृतियां लंबे समय तक लोगों के मन में बनी रहेंगी।
इस मौके पर पूर्व कनिष्ठ प्रमुख शैलेंद्र कोटवाल, पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष मदन सिंह रावत, यज्ञाचार्य हरि ओम देवशाली, ब्रह्म अमित भट्ट, विनोद देवशाली अध्यक्ष राम सिंह राणा, उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह राणा, सचिव दिनेश राणा, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण राणा, प्रधान दर्शनी देवी, सुभाष रावत, क्षेपंस अनूप राणा, राजेन्द्र राणा, सुबोध राणा, दिनेश राणा, हीरा सिंह राणा, वन पंचायत सरपंच गैणिया सिंह, नव युवक मंगल दल अध्यक्ष अजीत राणा महिला मंगल दल अध्यक्ष ममता देवी, रूचि रावत, सुरजीत सिंह, आत्माराम बहुगुणा, किशन राणा, प्रताप राणा, दलीप राणा, गंगा सिंह राणा, प्रदीप राणा, विक्की राणा, अनिल सिंह, जगत सिंह, सहित 25 विद्वान आचार्य, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी , जनप्रतिनिधि व हजारों श्रद्धालु मौजूद थे।



