केदारनाथ धाम यात्रारूद्रप्रयाग

भारी बर्फबारी में त्रिभुवन चौहान पहुंचे केदारनाथ धाम

स्थानीय लोगों के सुगम दर्शन की BKTC से मांग

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रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम पहुंचे उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के उपाध्यक्ष त्रिभुवन चौहान ने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया और कई अनियमितताएं सामने आने की बात कही।

उन्होंने बताया कि व्यवस्था संभालने के लिए लगभग 70 पुलिस कर्मी, 25 ITBP जवान, 5 सैन्य कर्मी, 70–80 BKTC कर्मचारी तथा 70–80 अन्य विभागों के कर्मचारी तैनात हैं। इसके बावजूद व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल पा रही है, जो चिंता का विषय है।

त्रिभुवन चौहान ने स्वयं मौके पर खड़े होकर तीन बार श्रद्धालुओं को पंक्तिबद्ध कराया और उन्हें सुगम दर्शन कराने में मदद की। उनका कहना है कि यदि सही प्रबंधन हो तो व्यवस्था बेहतर की जा सकती है, लेकिन वर्तमान में समन्वय और योजना की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।

उन्होंने मंदिर के दाईं ओर स्थित होटल क्षेत्र की स्थिति पर भी चिंता जताई। वहां रास्तों में पानी के खुले पाइप बिछे होने के कारण और जगह जगह टिन से कीचड़ छुपाने की वजह से यात्रियों को उनमें उलझने के उपरांत आवाजाही में कठिनाई हो रही है, जबकि सीवर व्यवस्था का भी अभाव है, जिससे स्वच्छता संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

त्रिभुवन चौहान ने मांग की कि स्थानीय लोगों के लिए सुगम दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, अगर ऐसा न हुआ तो ये जनांदोलन में बदलेगा।

मुख्य दर्शन पंक्ति पर इमरजेंसी निकास बनाए जाएं, वहां आठ फुट ऊंची रेलिंग में अगर भगदड़ या फिर किसी को बाथरूम जाना पड़ जाए तो कोई अकस्मात निकासी नहीं है।

उसके इतर मंदिर समिति मुख्य चौक में रेलिंग बनाने की बात कर रही है अपने आप हास्यासपद लगता है जिस पर स्थानीय का विरोध भी है, भीड़ प्रबंधन के ठोस उपाय किए जाएं तथा होटल क्षेत्र में रास्ता, पाइपलाइन और सीवर व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।

बीकेटीसी कर्मचारियों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि 600 करोड़ रुपये की घोषणा के समय मुख्यमंत्री ने बीकेटीसी के कर्मचारियों को नियमित करने और वेतन वृद्धि के जो वादे किए गए थे, वे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। क्या अगले चुनाव का इंतजार कर रहे हैं धामी जी।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि 2027 के चुनाव में उन्हें जनता का समर्थन मिलता है और वे विधायक बनते हैं, तो स्थानीय लोगों के हकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही तीर्थ पुरोहितों, घोड़ा-खच्चर संचालकों, दुकानदारों, टेंट स्वामियों और अन्य स्थानीय आजीविका से जुड़े लोगों को स्थानीयता के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी। और सुरक्षा मुहैया करवाई जाएगी।

त्रिभुवन चौहान ने कहा कि जब इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारी तैनात हैं, तब अव्यवस्था स्वीकार्य नहीं है और यात्रियों की सुरक्षा तथा स्थानीय लोगों के अधिकार सुनिश्चित किए जाने चाहिए।

दूरवर्ती क्षेत्र से सभी श्रद्धालुओं को आमंत्रित करते हुए त्रिभुवन चौहान ने कहा है कि स्थानीय तीर्थ पुरोहित समाज, स्थानीय व्यापारी, स्थानीय आमजन आपकी सुरक्षा व्यवस्था और सुगम दर्शन के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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