देहरादून

उत्तराखंड की समस्याओं का स्थायी समाधान है पाँचवीं अनुसूची एवं ट्राइब स्टेटस: उत्तराखंड एकता मंच

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देहरादून। उत्तराखंड एकता मंच द्वारा आयोजित ऐतिहासिक “एकजुट-एकमुट यात्रा” के समापन अवसर पर उत्तरांचल प्रेस क्लब, देहरादून में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर यात्रा के दौरान प्राप्त अनुभवों, जनभावनाओं तथा उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों की प्रमुख समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई।

उत्तराखंड एकता मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि उत्तराखंड में वर्तमान में भूमि, संसाधनों, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार, सांस्कृतिक पहचान, पलायन, गैरसैंण राजधानी और स्थानीय अधिकारों को लेकर अनेक जनआंदोलन चल रहे हैं। इन सभी मुद्दों को दीर्घकालिक संवैधानिक संरक्षण प्रदान करने की क्षमता पाँचवीं अनुसूची एवं ट्राइब स्टेटस में निहित है।

प्रेस वार्ता में बताया गया कि पाँचवीं अनुसूची लागू होने पर पेसा अधिनियम 1996 के माध्यम से ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार प्राप्त होंगे, स्थानीय संसाधनों पर समुदाय की भागीदारी बढ़ेगी तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाजों और सामुदायिक अधिकारों के संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

उत्तराखंड एकता मंच के प्रतिनिधियों ने बताया कि 4 जून से 22 जून 2026 तक चली यह यात्रा खटीमा से प्रारम्भ होकर चम्पावत, लोहाघाट, पिथौरागढ़, गंगोलीहाट, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, पौड़ी, टिहरी एवं उत्तरकाशी सहित प्रदेश के अनेक पर्वतीय क्षेत्रों से होकर गुजरी। यात्रा का पूरा संचालन स्वयंसेवी साथियों द्वारा अपने निजी संसाधनों एवं खर्चों पर किया गया।

मंच ने कहा कि यात्रा के दौरान प्रदेशभर में लोगों ने इस विषय पर गंभीर रुचि दिखाई तथा व्यापक जनसमर्थन व्यक्त किया। लोगों का मानना है कि उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकारों, संसाधनों और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए इस विषय पर व्यापक जनचर्चा और जनभागीदारी आवश्यक है।

यात्रा के दौरान प्राप्त जनमत के आधार पर मंच ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय समाज की सबसे बड़ी समस्या रोजगार और पलायन है। लोगों का स्पष्ट मत रहा कि यदि जल, जंगल, जमीन, स्थानीय संसाधनों, संस्कृति, भाषा, परंपराओं और स्थानीय रोजगार को कानूनी संरक्षण देना है तो पाँचवीं अनुसूची एवं ट्राइब स्टेटस सबसे प्रभावी संवैधानिक व्यवस्था साबित हो सकती है।

मंच ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे पाँचवीं अनुसूची एवं ट्राइब स्टेटस जैसे महत्वपूर्ण विषयों का अध्ययन करें और उत्तराखंड के हितों, स्थानीय अधिकारों तथा मूल निवासियों के संरक्षण के पक्ष में खड़े होने वाले जनप्रतिनिधियों का समर्थन करें।

उत्तराखंड एकता मंच ने घोषणा की कि आगामी महीनों में पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर जनसभाओं एवं जनसंवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में 22 नवम्बर 2026 को देहरादून के परेड ग्राउंड में एक विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी, जिसमें उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री सहित सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं बुद्धिजीवियों को आमंत्रित किया जाएगा।

प्रेस वार्ता में महावीर राणा, दरबान सिंह सुगड़ा, प्रवेश जोशी, अनिल उप्रेती, कैप्टेन कुलदेब सिंग नेगी एवं रविन्द्र सिंह सुगड़ा सहित यात्रा से जुड़े प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।

 

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