मलबे से पटे रास्ते, जनप्रतिनिधि मौन—परेशान जनता की सुनेगा कौन ?

विनोद जोशी/कौलागढ़ देहरादून। गांव आज भी विकास से कोसों दूर हैं, आज भी ग्रामीण सड़क बिजली पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
मसूरी विधान सभा के विलासपुर कांडली ग्राम सभा का मसंदावाला गांव इसका जीता जागता उदाहरण है, यहां लंबे समय से गांव के अंदर जाने वाली सड़क मलबे से अटी पड़ी हैं,नाली मलबे से भरी पड़ी हैं, लेकिन ग्राम प्रधान द्वारा सड़क से मलबा तक नहीं हटवाया जा रहा है।

जिससे ग्रामीणों को आने-जाने मेें बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है ये हाल तो तब है जबकि ये सड़क उप प्रधान के घर की तरफ जाती है, इस सड़क से दिन में कई बार उनका आना-जाना होता है और ये ही नहीं गांव के प्रधान के घर की तरफ भी यही सड़क जाती फर्क ये है कि उप प्रधान का घर बिल्कुल पास है प्रधान का एक किलोमीटर मीटर दूर उप प्रधान और ग्राम प्रधान के रोज इस सड़क से गुजरने के बाद भी सड़क से मलबा नहीं हटवाया गया है ।
गांव मेें वैसे भी ले दे के दो-तीन ही गलियां है बावजूद इसके विकास शून्य है, मुख्यमंत्री आवास से महज 13-14 किलोमीटर की दूरी पर बसा गांव आज भी विकास के लिए तरस रहा है



