
देहरादून। सहसपुर विधानसभा में जामुनवाला और आंकुवाला गांव को पानी देने के लिए जल जीवन मिशन के अन्तर्गत चलायी गयी हर घर नल योजना चार साल बाद भी परवान नही चढ सकी है।
सामाजिक कार्यकर्ता विनोद जोशी ने बताया कि वर्ष 2020 में ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित करनपुर गुजराडा योजना चार साल से अधर में लटकी हुयी है 02/03/2023 को इसका कार्यादेश जारी किया गया था और 01/03/2024 को कार्य पूर्ण होना था लेकिन चार वर्ष होने को आये हैं।

योजना का कुछ अता-पता नही है ढाई करोड़ की लागत वाली इस योजना से आंकुवाला, जामुनवाला और टीएचडीसी की करीब तीन हजार की आबादी को पीने का पानी मिलना था लेकिन योजना के अधर में लटकने से तीन गांवों पर पीने के पानी का संकट गहरा गया है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार जलसंस्थान द्वारा जामुनवाला के ग्यारह मुखी हनुमान मंदिर के पास एक अंडरग्राउंड टैंक बनाया गया है और जामुनवाला में ओवरहेड टैंक बनया गया है, स्थानीय निवासियों ने बताया कि योजना के अनुसार पहले नून नदी का पानी अंडरग्राउंड टैंक तक पहुचाया जायेगा उसके बाद ये पानी आंकुवाला मेें बने ओवरहेड टैंक तक पहुँचाया जायेगा ।
उसके बाद पाइप लाइन के जरिये लोगाें के घरों तक पहुँचाया जायेगा स्थानीय निवासियों का मानना है कि जैसे चार साल से योजना बंद पडी हुई है लगता नहीं कि योजना पूरी भी होगी पानी मिलने में भी संशय है।
क्योंकि जिस नून नदी से पानी लेने की बात हो रही है उसमें बरसात में ही पानी रहता है पूरे सालभर इसमें पानी नही रहता या इतना कम रहता है कि उसे लिफ्ट करना असंभव है जामुनवाला,आंकुवाला मे पीने के पानी की बहुत ज्यादा दिक्कत है आंकुवाला मेें पहले एक स्रोत का पानी एक टंकी के माध्यम से लोगों को उपलब्ध होता था लेकिन 2023 में इस टंकी को तोड़कर ओवर हैड टैंक बना दिया गया जो पानी न होने से एक सफेद हाथी की तरह खडा है।
अभी एक समरसिबल मेें मोटर डालकर पानी दिया जा रहा है लेकिन उसमें मेें भी दिक्कत है अक्सर लाइट न होने की वजह से मोटर चल नही पाती जिससे जनता को बहुत ज्यादा परेशानी होती है ऐसा ही हाल जामुनवाला मेें है यहां भी समरसिबल मेें मोटर डालकर पानी दिया जाता है लेकिन गांव मेें लाइट चली जाना और लो वोल्टेज बडी समस्या रहती है।
बिजली के कनेक्शन निजी घरों से लिये गये हैं विभाग द्वारा बिजली का बिल समय से न देने के कारण भी ग्राम वासियों को परेशानी का सामना करना पडता है जनता कि मांग है कि विभाग इस योजना के बजाय क्षेत्र मेें ट्यूबवेल लगाकर पानी की समस्या का समाधान करें।



