बाबा चले अपने धाम, शिवमय हुई केदारघाटी

लक्ष्मण सिंह नेगी/ऊखीमठ। द्वादश ज्योत्रिलिंगो में अग्रणी व पर्वतराज हिमालय की गोद में बसे भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली अपने शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर ऊखीमठ से कैलाश के लिए रवाना हो गयी है ।
भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली के कैलाश रवाना होने पर विद्धान आचार्यों के वेद ऋचाओं, भक्तों की जयकारों, महिलाओं के धार्मिक भजनों, आर्मी व स्थानीय वाध्य यंत्रों की मधुर धुनों से क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली के कैलाश रवाना होने पर शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर को 8 कुन्तल अनेक प्रजाति के पुष्पों से भव्य रूप से सजाया गया था तथा अनेक भक्तों द्वारा विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया है ।
देर सांय भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली प्रथम रात्रि प्रवास के लिए फाटा पहुंचेगी तथा विभिन्न यात्रा पडावो पर भक्तों को आशीष देते हुए 21 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंचकर भण्डार गृह मे विराजमान होगी तथा 22 अप्रैल को प्रातः 8 बजे शुभ लगनानुसार भगवान केदारनाथ के कपाट विधि विधान व वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये जायेगें।
शनिवार देर सांय को ओकारेश्वर मन्दिर में समपन्न हुई भैरवनाथ पूजन में विभिन्न प्रदेशो के असंख्य शिव भक्तो ने शामिल होकर पुण्य अर्जित किया तथा विश्व समृद्धि की कामना की । रविवार को भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर में ब्रह्मा बेला पर विद्धान आचार्यों ने पंचाग पूजन के तहत अनेक पूजाये समपन्न कर भगवान केदारनाथ सहित 33 कोटि देवी – देवताओ का आवाहन कर विश्व शान्ति व समृद्धि की कामना की।
ठीक 9 बजे भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली का विशेष श्रृंगार किया गया तथा ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चारण से आगामी 22 अप्रैल से शुरू होने वाली केदारनाथ यात्रा के निर्विघ्नं सम्पन्न होने की कामना की! रावल भीमाशंकर लिंग ने केदारनाथ धाम के प्रधान पुजारी टी गंगाधर लिंग को पगड़ी व अचकन पहनाकर छ: माह केदारनाथ धाम में विधि – विधान से पूजा – अर्चना तथा प्रवास करने का संकल्प दिया।
ठीक 9:30 बजे भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली ने शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर की परिक्रमा की तथा कैलाश के लिए रवाना हुई । भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली के कैलाश रवाना होने पर श्रद्धालुओं की जयकारों से क्षेत्र का वातावरण गुजायमान हो उठा, तथा सैकड़ों भक्त आर्मी की बैण्ड धुनों पर नृत्य करने लगे ।
20 अप्रैल को भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली द्वितीय रात्रि प्रवास के लिए गौरी माता मन्दिर गौरीकुंड पहुंचेगी तथा 21 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंचकर भण्डार गृह मे विराजमान होगी तथा 22 अप्रैल को श्रद्धा के द्वार शिव भक्तो के दर्शनार्थ खोल दिये जायेंगे।
इस मौके पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भटट्, बद्री केदार मन्दिर समिति उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण , राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत, नगर पंचायत अध्यक्ष कुब्जा धर्म्वाण, दीक्षा प्रापर्टी चैयरमैन कुलदीप रावत, कुशाल नेगी , मन्दिर समिति सदस्य प्रह्लाद पुष्वाण , विनीत पोस्ती ,जिलाधिकारी / मुख्य कार्याधिकारी विशाल मिश्रा ,भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी , सन्तोष त्रिवेदी, व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भटट, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र रावत , उप जिलाधिकारी अनिल रावत , देवानन्द गैरोला, केदारनाथ मन्दिर प्रभारी राजन नैथानी, डोली प्रभारी किशन त्रिवेदी ,ओंकारेश्वर मन्दिर प्रभारी विजेन्द्र बिष्ट, प्रकाश पुरोहित, पूर्व प्रधान राय सिंह धर्म्वाण, राजेन्द्र धर्म्वाण, प्रकाश रावत, शिव शंकर लिंग, राज शेखर लिंग , यशोधर मैठाणी , विश्व मोहन जमलोकी, नवीन मैठाणी, प्रदीप धर्म्वाण, मदन भट्ट, सहित जनप्रतिनिधि, देश – विदेश के सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे।



