रूद्रप्रयाग
मंदाकिनी घाटी की संत परंपरा को अपूरणीय क्षति, माई शंकर गिरि ब्रह्मलीन

तिलवाड़ा, रुद्रप्रयाग। मंदाकिनी घाटी के तिलवाड़ा स्थित त्रिपुरेश्वर महादेव मंदिर की महंत माई शंकर गिरि मंगलवार सुबह ब्रह्मलीन हो गईं। उनके निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। श्रद्धालुओं और संत समाज ने उनके निधन को धार्मिक एवं आध्यात्मिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
माई शंकर गिरि लंबे समय से त्रिपुरेश्वर महादेव मंदिर से जुड़ी हुई थीं। वह शिव भक्ति, साधना और धार्मिक सेवा के लिए श्रद्धालुओं के बीच विशेष सम्मान रखती थीं। सादगीपूर्ण जीवन और आध्यात्मिक आस्था के कारण क्षेत्र में उनकी अलग पहचान थी।
उनके ब्रह्मलीन होने की खबर मिलते ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। लोगों ने उनके अंतिम दर्शन कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।



