गढ़ीधार-ढुंग सड़क पर नाराजगी: जयवर्धन काण्डपाल के नेतृत्व में धरने पर बैठी जनता
डीएम के निर्देशों के बाद भी नहीं खुला मार्ग, 'फोटो खिंचवाकर मशीन हटाने' के आरोप

रुद्रप्रयाग। गढ़ीधार-ढुंग सड़क पिछले 16 दिनों से बंद होने के कारण क्षेत्रीय जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क को जल्द खुलवाने और इस मार्ग को स्थायी समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) अथवा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अधीन हस्तांतरित किए जाने की मांग को लेकर बुधवार को जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान जिलाधिकारी ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को सड़क खोलने के निर्देश दिए। इसके बाद विभाग की ओर से सड़क खोलने की कार्रवाई से जुड़े फोटो और वीडियो भी जारी किए गए।
हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग ने केवल औपचारिकता निभाई। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर मशीन तो पहुंची, लेकिन कुछ देर तक काम करने के बाद केवल फोटो और वीडियो बनाकर मशीन वापस हटा ली गई।
आरोप है कि लगभग 15 मिनट बाद ही कार्य बंद कर दिया गया और सड़क खोलने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
विभाग की इस कथित कार्यप्रणाली से नाराज होकर जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल स्वयं सड़क पर धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और आंदोलन में शामिल हो गए।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक सड़क पूरी तरह यातायात के लिए नहीं खोली जाती और इस मार्ग को स्थायी रूप से PWD अथवा PMGSY के अधीन नहीं लाया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
जयवर्धन काण्डपाल ने एनपीसीसी और संबंधित विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि महीनों से क्षेत्र की जनता आवाजाही की समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देकर समय निकाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होगी और अपने अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ेगी।
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि सड़क को तत्काल यातायात के लिए खोला जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
फिलहाल क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और स्थानीय लोग प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।



