
देहरादून। धर्म, आस्था, संस्कृति और समाजसेवा का अनूठा संगम एक बार फिर देवभूमि उत्तराखंड में देखने को मिलेगा। संसार के सभी जीवों के कर्मों का लेखा-जोखा रखने वाले भगवान चित्रगुप्त की कथा और मां गंगा की भव्य आरती को लेकर हरिद्वार में तीन दिवसीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की ओर से आयोजित यह विशेष कार्यक्रम 31 अक्टूबर से हरिद्वार के भूपतवाला स्थित चित्रकूट आश्रम में शुरू होगा। खास बात यह है कि आयोजन किसी एक समाज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सभी समाजों के लोगों को इसमें आमंत्रित किया गया है।
कार्यक्रम के तहत 1 नवंबर को दोपहर 3 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम, शाम 5 बजे चित्रकूट घाट पर मां गंगा की भव्य आरती और शाम 7 बजे भगवान चित्रगुप्त की कथा का आयोजन होगा। वृंदावन से पहुंचे चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी श्री सच्चिदानंद महाराज कथा का वाचन करेंगे।
इस अवसर पर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सुबोध कांत सहाय सहित देशभर से अनेक गणमान्य अतिथियों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
धार्मिक आयोजनों के साथ जनसेवा को भी विशेष महत्व दिया गया है। कार्यक्रम में भजन-कीर्तन, कथा वाचन और प्रसाद वितरण के साथ निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर भी लगाया जाएगा, जहां आमजन स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
आयोजकों के मुताबिक इस विशेष आयोजन की शुरुआत वर्ष 2024 में ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन आश्रम से हुई थी। इसके बाद पिछले वर्ष हरिद्वार में आयोजन किया गया और इस वर्ष भी मां गंगा के पावन तट पर चित्रकूट घाट के समीप स्थित चित्रगुप्त आश्रम में इसे भव्य स्वरूप दिया जा रहा है।
कार्यक्रम की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के विभिन्न राज्यों के अलावा दुबई और सिंगापुर से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की तैयारी है। आयोजकों के अनुसार अब तक करीब 1500 लोगों का पंजीकरण हो चुका है।
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव एवं अन्य पदाधिकारियों ने सभी समाजों के लोगों से इस तीन दिवसीय धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजन में बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की है।



