रेलवे निर्माण कार्य में प्राइवेट नंबर के मिक्सर वाहनों का इस्तेमाल
सरकार को करोड़ों का नुकसान

रुद्रप्रयाग/चमोली: रेलवे निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं। गोचर-भटनगर-घोलतीर क्षेत्र में संचालित मिक्सिंग प्लांट में प्राइवेट नंबर के मिक्सर (मिलर) वाहनों का उपयोग किए जाने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये वाहन व्यावसायिक कार्य में लगे होने के बावजूद निजी (प्राइवेट) नंबर पर चल रहे हैं, जिससे उत्तराखंड सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, मेघा कंपनी द्वारा संचालित इस प्लांट में नियमों को ताक पर रखकर ऐसे वाहनों का उपयोग किया जा रहा है, जो व्यावसायिक पंजीकरण के दायरे में आते हैं। नियमों के अनुसार, किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य में लगे वाहनों का कमर्शियल रजिस्ट्रेशन और टैक्स अनिवार्य होता है।
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई का प्रावधान
कानूनी प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई प्राइवेट वाहन व्यावसायिक उपयोग करते हुए पाया जाता है, तो मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 207 के तहत ऐसे वाहन को जब्त किया जा सकता है और उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि
आखिर रुद्रप्रयाग और चमोली के परिवहन विभाग, साथ ही स्थानीय पुलिस प्रशासन इस मामले में कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं?
क्या विभागों को इस पूरे मामले की जानकारी नहीं है, या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है?
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि सरकारी राजस्व को हो रहे नुकसान पर रोक लगाई जा सके।



