पौड़ीश्रीनगर

टैंक सफाई के बाद अब लो वोल्टेज बना मुसीबत, अलकनंदा किनारे बसा श्रीनगर जूझ रहा पेयजल संकट से

भीषण गर्मी में पानी के लिए भटक रहे लोग, प्राकृतिक स्रोतों और टैंकरों पर बढ़ी निर्भरता

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श्रीनगर गढ़वाल। शहर में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। पहले पेयजल टैंकों की सफाई और अब बिजली की लो वोल्टेज समस्या के कारण नगर के कई इलाकों में जलापूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है।

भीषण गर्मी के बीच लोग सुबह-शाम खाली बर्तन लेकर प्राकृतिक जल स्रोतों, सार्वजनिक नलों और पानी के टैंकरों की ओर दौड़ते नजर आ रहे हैं। पानी की अनियमित आपूर्ति से लोगों की दैनिक दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है।

दरअसल, पिछले दिनों शहर में गंदे पानी की शिकायतें सामने आने के बाद जल संस्थान द्वारा पेयजल टैंकों की सफाई का कार्य शुरू कराया गया। एक टैंक की सफाई पूरी हो गई थी, लेकिन इसी बीच बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या ने जलापूर्ति व्यवस्था को और अधिक प्रभावित कर दिया। परिणामस्वरूप नगर के कई क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है।

लोगों का कहना है कि सुबह से देर शाम तक पानी का इंतजार करना पड़ रहा है, मजबूरी में लोग प्राकृतिक जल स्रोतों, पानी के टैंकरों से पानी भरने को विवश हैं। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।

गुरुवार को अमर उजाला द्वारा लिए गए बयान के अनुसार – जल संस्थान के सहायक अभियंता अर्पित मित्तल ने बताया कि दो पेयजल टैंकों में से एक की सफाई पूरी कर ली गई है। दूसरे टैंक की सफाई फिलहाल इसलिए नहीं करवाई जा रही क्योंकि उससे पौड़ी क्षेत्र तक भी पानी की सप्लाई होती है। उन्होंने कहा कि बिजली कटौती और लो वोल्टेज के कारण भी जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और जल संस्थान से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा नियमित जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि भीषण गर्मी के बीच लोगों को राहत मिल सके।

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